GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B : ओवरवेट रीजनिंग मॉडल का डिटेल रिव्यू

GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B: आज का जमाना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का है और ओपन सोर्स मॉडल में बहुत तेजी से विकास किया जा रहा है और ऐसे दो मॉडल जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए महत्वपूर्ण मॉडल हैं, उनमें से GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B जो रीजनिंग और जनरल इंटेलीजेंस की क्षेत्र में नया मोड़ ला रहे हैं और इन दोनों मॉडल को एक साथ विकसित किया गया है और अब ओपन वेट फॉर्म में उपलब्ध हो चुका है। रिसचर्स और स्टार्टअप का उपयोग करके रिसर्च को अब आगे बढ़ाया जा सकता है।

What Is The GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B

GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B दोनों भाषा मॉडल LLMs है जो ट्रांसफार्मर आर्किटेक्चर पर आधारित किया गया है और इनका प्रशिक्षण बहुत सारे उत्तर पर किया गया है जिसमें विभिन्न कार्यों को शामिल किया गया है जैसे की टेक्सटर जेनरेशन और रिजनिंग के प्रश्न उत्तर पूछे गए और कोडिंग आदि में यह सक्षम उतरे हैं।

मॉडल का नामपैरामीटर की संख्याप्रमुख उद्देश्य
GPT-OSS-20B20 अरबमिड रेंज जनरल AI काम करता है।
GPT-OSS-120B120 अरबहाई एंड रीजनिंग और कोर AI टास्क

GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B का मुख्य उद्देश्य

ओपन वेट एक्सेस

इस मॉडल की सबसे बेहतरीन खूबियां होने वाली है कि यह ओवर वेट है इसका मतलब यह है कि अगर डाउनलोड करके स्वयं के इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलाए जा सकता है बिना किसी रॉयल्टी के भी।

एडवांस से रिजनिंग की क्षमता

GPT-OSS-120B मैं शक्तिशाली रिजनिंग क्षमताएं हैं जिनको रिसर्च और लॉजिक आधारित प्रश्न और कोडिंग जैसे क्षेत्रों में यह बहुत बेहतरीन तरीके से काम करता है।

मल्टीटास्किंग और मल्टी लिंगुअल

इस मॉडल की सबसे विशेष विशेष खूबियां है कि सभी भाषाओं को समझता है और एक साथ कई कार्यो को यह हैंडल कर सकता है जैसे कि ट्रांसलेशन और टेस्ट की समरी निकालना।

रिसर्च फ्रेंडली

कंपनी ने इसमें ट्रेंनिंग डाटा और आर्किटेक्चर डिटेल्स और परफॉर्मेंस बेंचमार्क को भी ओपन किया है और यह इंडस्ट्री रिसर्च को भी बहुत बढ़ावा देता है।

GPT-OSS मॉडल के उपयोग करने के क्षेत्र

क्षेत्रसंभावित उपयोग
शिक्षाआर्टिकल जेनरेशन और ट्यूटर का काम
स्वास्थ्यमेडिकल के प्रश्नों का उत्तर देना और रिपोर्ट जेनरेशन करना
रिसर्च और डेवलपमेंटउत्तर का अच्छे तरीके से विश्लेषण करना
सरकारी और सामाजिकलोक सेवाओं के लिए उपयोग करना और जानकारी पहुंचाना।

GPT-OSS Vs LLMs

विशेषताGPT OSSGPT 4 , Gemini Models
Open वेट क्या उपलब्धहांनहीं
कस्टमाइजेशन क्षमताअधिकसीमित
स्वयं होस्टिंग की सुविधाउपलब्धनहीं
लागतकमअधिक

Together आर्टिफिशियल का सपना क्या है?

Together AI का प्रमुख उद्देश्य है आर्टिफिशियल का उपयोग सिर्फ बड़े टेक कंपनियों तक सीमित न रह जाए और इसीलिए सभी के सुविधा के अनुसार इसको पारदर्शी बनाया गया है और GPT-OSS मॉडल एक नई दिशा लाई है और यह मॉडल इंडस्ट्री में शिक्षा और समान अवसर प्राप्त करने में अग्रसर है।

OpenAI की Chain-of-Thought (CoT) Technology क्या है?

Chain-of-Thought (CoT) का मतलब है सोच की शृंखला एक ऐसी प्रक्रिया है जीसस में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस मॉडल यह देख सकता है कि वह किसी उत्तर को किस तरह जवाब दे रहा है। OpenAi कि अभी की रिसर्च में यह दिखाया गया है कि Chain-of-Thought (CoT) मॉनिटर किया जाए तो मॉडल के गलत व्यवहार को समझना और पकड़ना बहुत आसान हो जाता है लेकिन यह तभी सही होता है, जब Chain-of-Thought (CoT) डायरेक्ट सुपरवाइजर से प्रशिक्षित ना किया गया हो।

OpenAi ने अपने GPt-Oss मॉडल में जैसे GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B में Chain-of-Thought (CoT) पर कोई सीधा नियंत्रण मतलब डायरेक्ट सुपर विजन नहीं रखा है इसका उद्देश्य है कि पौध करता खुद अपने तरीके से Chain-of-Thought (CoT) पर निगरानी प्रणाली विकसित कर सके और मॉडल में धोखाधड़ी और गलत इस्तेमाल और गलतियों पर निगरानी रखा जा सके और गलत उपयोग बिलकुल भी ना हो।

OpenAi के ओपन मॉडल क्यों जरूरी है?

OpenAi द्वारा GPT-OSS-120B and GPT-OSS-20B जैसे ओपन वेट मॉडल को जारी करना एक बहुत बड़ा कदम है और यह मॉडल न केवल बेहतर सोचने की क्षमता और सेफ्टी के मामले में भी बहुत ज्यादा मजबूत है।

Open मॉडल के फायदे

यह सब OpenAi के हॉस्टल मॉडल का पूरक बनते हैं जिसकी मदद से डेवलपर को रिसर्च और इनोवेशन और सूचना को अपने तक रखने में मदद मिलती है।
छोटे कारोबारी कम संसाधन वाले सेक्टर और भारती बाजार के लिए यह सस्ता और एक बहुत कम कीमत का विकल्प है।
OpenAi मॉडल लोगों को इनोवेशन और अवसर बनने में अधिकार देते हैं और अमेरिका हो या भारत सभी को यह अधिकार बराबर दिया जाता है।

निष्कर्ष

OpenAi सभी डेवलपर फॉर रिसर्चर को आमंत्रित करता है कि अपने ओपन मॉडल का उपयोग करें और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के संभावनाओं को नई ऊंचाई तक पहुंचाएं और आने वाले समय पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का ही जमाना होगा।

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