Kerala elders to launch startup: भारत तेजी से वृद्ध होती आबादी वाले देशों की सूची में शामिल हो रहा है। लेकिन इसी बदलती जनसांख्यिकी के बीच एक नई उम्मीद केरल ने जगाई है। देश में सबसे अधिक बुजुर्गों की आबादी वाले राज्य केरल ने अब एक ऐसा कदम उठाया है, जो न केवल सामाजिक बदलाव लाएगा, बल्कि आर्थिक क्षेत्र में भी नई दिशा देगा। राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रेरित करने हेतु ‘न्यू जिनिंग’ (New Gining) मिशन की शुरुआत की है।
इस अभिनव योजना से 50 वर्ष से ऊपर के लोग अब केवल रिटायरमेंट पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि नई ऊर्जा के साथ अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगे। यह मॉडल देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।
केरल में बुजुर्ग आबादी की वर्तमान स्थिति
हालिया आंकड़ों के अनुसार—
- केरल की कुल आबादी का 16.5% हिस्सा 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों का है।
- करीब 56 लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिक राज्य में रहते हैं।
- भारत के किसी भी राज्य में यह प्रतिशत सबसे अधिक है।
ऐसी स्थिति में वरिष्ठ नागरिकों को फिर से सक्रिय करने और उन्हें समाज व अर्थव्यवस्था से जोड़े रखने का यह प्रयास अत्यंत महत्वपूर्ण है।
‘न्यू जिनिंग’ मिशन क्या है?
‘न्यू जिनिंग’ मिशन का उद्देश्य है:
- वरिष्ठ नागरिकों की क्षमताओं का सदुपयोग
- उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना
- तकनीक आधारित और आधुनिक स्टार्टअप परिवेश से जोड़ना
- रिटायरमेंट के बाद “दूसरी पारी” शुरू करने का मौका देना
योजना के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु वाले किसी भी व्यक्ति को स्टार्टअप शुरू करने के लिए सहयोग मिलेगा। यदि वे चाहें तो एक नई कंपनी स्थापित कर सकते हैं या किसी मौजूदा कंपनी के साथ इनक्यूबेशन सुविधा ले सकते हैं।
वरिष्ठ नागरिक क्यों नहीं रहना चाहते लालफीताशाही में फंसे?
योजना के पीछे एक महत्वपूर्ण विचार यह है कि बुजुर्ग निवेशक और उद्यमी जटिल सरकारी प्रक्रियाओं से बचना चाहते हैं। वे सरल, डिजिटल और त्वरित स्टार्टअप समर्थन चाहते हैं। इसीलिए केरल सरकार ने पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया है।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
- 50+ आयु वर्ग के नागरिक पात्र
- किसी भी प्रकार का व्यवसाय शुरू करने की अनुमति
- इनक्यूबेशन सेंटर, मेंटरशिप, प्रशिक्षण और सरकारी सहायता
- स्वास्थ्य, वित्त, मनी मैनेजमेंट, सामाजिक नवाचार जैसे क्षेत्रों को प्राथमिकता
- स्टार्टअप मिशन की ओर से मार्केट लिंक, नेटवर्किंग और निवेशक से संपर्क
- देश में बुजुर्गों को उद्यमिता बढ़ाने वाला पहला बड़ा कदम
अब तक 300 से अधिक आवेदन इस योजना के लिए आ चुके हैं, जिन्हें धीरे-धीरे विभिन्न इनक्यूबेशन केंद्रों से जोड़ा जा रहा है।
किन क्षेत्रों में बुजुर्गों की सबसे अधिक रुचि?
स्टार्टअप मिशन के अनुसार वरिष्ठ नागरिक मुख्यतः नीचे दिए गए क्षेत्रों में स्टार्टअप शुरू करना चाह रहे हैं:
- स्वास्थ्य सेवाएँ
- फाइनेंस मैनेजमेंट व मनी मैनेजमेंट
- शिक्षा व परामर्श सेवाएँ
- रिटायरमेंट प्लानिंग समाधान
- लाइफस्टाइल व वेलनेस तकनीक
इन क्षेत्रों में उनका अनुभव और गहरी समझ उन्हें एक सक्षम उद्यमी बनाती है।
विजन बैंक: 1000 बुजुर्ग बनेंगे स्टार्टअप में मेंटर
केरल सरकार केवल स्टार्टअप शुरू करवाने तक सीमित नहीं है। मिशन के अंतर्गत एक और पहल की गई है—विजन बैंक।
इसका लक्ष्य:
- 1000 अनुभवी वरिष्ठ नागरिकों को युवा स्टार्टअप्स के लिए मेंटर बनाना
- बुजुर्गों के ज्ञान और अनुभव को नई पीढ़ी के उद्यमियों तक पहुंचाना
- रिटायर प्रोफेशनल्स को सलाहकार और मार्गदर्शक के रूप में पुनः सक्रिय करना
यह मॉडल वरिष्ठ नागरिकों की सामाजिक भूमिका को और मजबूत करेगा।
‘न्यू जिनिंग’ मिशन में शामिल होने की प्रक्रिया
| चरण | विवरण |
|---|---|
| 1. पंजीकरण | वरिष्ठ नागरिक को केरल स्टार्टअप मिशन की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा। |
| 2. दस्तावेज जमा | आयु प्रमाण, पहचान पत्र और प्रस्तावित स्टार्टअप की रूपरेखा जमा करनी होगी। |
| 3. विचार का मूल्यांकन | विशेषज्ञ समिति आइडिया की व्यवहार्यता का विश्लेषण करेगी। |
| 4. इनक्यूबेशन से जोड़ना | योग्य आवेदक को निकटतम इनक्यूबेशन सेंटर में स्थान दिया जाएगा। |
| 5. प्रशिक्षण व मेंटरशिप | व्यवसाय कौशल, तकनीक, निवेश, वित्तीय प्रबंधन आदि पर प्रशिक्षण। |
| 6. स्टार्टअप लॉन्च | पूरी सहायता के साथ वरिष्ठ उद्यमी अपना व्यवसाय शुरू कर सकेगा। |
योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
इस मिशन के कई सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं:
1. रोजगार सृजन
वरिष्ठ नागरिकों द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप नए रोजगार पैदा कर सकते हैं।
2. अनुभव का उपयोग
बुजुर्गों के अनुभव व ज्ञान का उपयोग देश के विकास में होगा।
3. सामाजिक सक्रियता में वृद्धि
रिटायरमेंट के बाद अकेलेपन और निष्क्रियता की समस्या कम होगी।
4. आर्थिक आत्मनिर्भरता
वरिष्ठ नागरिक स्वयं कमाई के नए साधन स्थापित कर पाएंगे।
5. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि मजबूत
यह मॉडल दुनिया में भारत को एक सामाजिक रूप से जिम्मेदार देश के रूप में स्थापित कर सकता है।
केरल मॉडल: अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा
यह योजना सामाजिक नवाचार का एक शानदार उदाहरण है। आने वाले समय में अन्य राज्य भी वरिष्ठ नागरिकों को उद्यमिता से जोड़ने के लिए इसी तरह की योजनाएँ ला सकते हैं। इससे:
- देश में उद्यमिता का दायरा बढ़ेगा
- नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति में विविधता आएगी
- बुजुर्गों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी
निष्कर्ष
‘न्यू जिनिंग’ मिशन भारत में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक नई शुरुआत का रास्ता तैयार करता है। केरल का यह प्रयास दिखाता है कि उम्र केवल एक संख्या है—सपने देखने और उन्हें पूरा करने की कोई उम्र नहीं होती। अपने अनुभव और ज्ञान के साथ बुजुर्ग न केवल स्वयं एक नई जिंदगी शुरू कर रहे हैं, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था दोनों में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
यह योजना आने वाले वर्षों में भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक नई क्रांति ला सकती है।